कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए चयनित किए गए निजी अस्पतालों में निरीक्षण करने के निर्देश दिये

उज्जैन।बृहस्पति भवन में आज जिला स्तरीय क्राइसेस मैनेजमेंट समिति की बैठक आयोजिय की गई । बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिविल सर्जन डॉ.मरमट को निर्देश दिये कि वे जिन निजी अस्पतालों में कोरोना महामारी के मरीज हेतु बेड आरक्षित हैं, उन अस्पतालों का निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी साथ में लिया जाये।


      बैठक में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री पारस जैन, कलेक्टर श्री आशीष सिंह , प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुश्री सविता सोहाने ,नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल , जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित अस्थाना , मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ महावीर खंडेलवाल , श्री विवेक जोशी, श्री बहादुरसिंह बोरमुंडला, पूर्व महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, पूर्व अध्यक्ष श्री सोनू गेहलोत, पूर्व विधायक श्री शिवा कोटवानी, श्री इकबालसिंह गांधी मौजूद थे।


       सांसद श्री अनिल फिरोजिया एवं विधायक श्री पारस जैन ने सुझाव दिया कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत रेलवे स्टेशन, बसस्टेण्ड एवं अस्पताल के सामने की दुकानें रात्रि 11 बजे तक एवं शहर की अन्य दुकानें रात्रि 10 बजे तक खुली रखी जाय |


      बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने बताया कि कोरोना मरीजों के लिये अमलतास एवं आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में 150-150, माधव नगर अस्पताल में 100 बेड, चरक अस्पताल में भी बेड आरक्षित किये गये हैं। इसके अलावा निजी अस्पताल गुरूनानक, बिड़ला अस्पताल आदि में व्यवस्थाएं ठीक होने के कारण वहां पर भी कोरोना के मरीज हेतु बेड आरक्षित किये गये हैं। कलेक्टर ने बताया कि कोरोना संदिग्ध मरीजो की जांच निरन्तर कराई जा रही है।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य अमला कम होने पर संविदा पर स्टाफ की भर्ती हेतु स्वीकृति की प्रत्याशा में विज्ञप्ति जारी करने के लिए कहा गया है । बैठक में कलेक्टर ने जानकारी दी कि विभिन्न 14 ग्रीन निजी अस्पतालों को कोरोना पॉजिटिव मरीजो के उपचार की अनुमति देते हुए पांच-पांच बेड कोरोना मरीजो के उपचार हेतु पृथक करने के निर्देश दिए गये हैं।


         विधायक श्री पारस जैन ने कहा कि अस्पताल में इंजेक्शन एवम आवश्यक दवा आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। मरीज की इच्छा अनुसार अगर वह निजी अस्पताल में इलाज कराना चाहता है तो उसे रैफर किया जाये। चरक अस्पताल में कोरोना के मरीज का रास्ता अलग से हो और इसके लिये साईन बोर्ड लगाया जाये।